संजय पाठक से ₹1.5 करोड़ की ठगी मामले में मुंबई से दो आरोपी गिरफ्तार, ट्रांसफर वाले खाते से जुड़ी कंपनी के डायरेक्टर पकड़े गए

कटनी
 मध्य प्रदेश के कटनी के विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक से जुड़ी कंपनी के साथ हुई करीब डेढ़ करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले की परतें भी खुलती जा रही हैं। अब इस प्रकरण में मुंबई कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस को शक है कि ठगी की पूरी साजिश के पीछे कोई बड़ा और बेहद शातिर व्यक्ति हो सकता है। रंगनाथ नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के पालघर क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रिजवान मलिक (26) और मोहम्मद अब्दुल उर्फ साहिल (36) के रूप में हुई है। दोनों को कटनी लाकर पुलिस रिमांड पर लिया गया है और उनसे ठगी की रकम के लेन-देन तथा पूरे नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है।

जिस खाते ने बढ़ाया शक, वहीं से खुल रही जांच की नई कड़ी
पुलिस जांच में पता चला है कि कथित ठगी की रकम में से करीब 1.16 करोड़ रुपये स्काई लाइम प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसी कंपनी से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आने के बाद जांच की दिशा महाराष्ट्र तक पहुंची। पुलिस ने कंपनी के दोनों डायरेक्टरों को पकड़ लिया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि खाते में रकम पहुंचने के बाद उसे किन-किन खातों में भेजा गया और इस पूरी प्रक्रिया को संचालित कौन कर रहा था।

कंपनी सिर्फ एक जरिया थी या पूरी साजिश का हिस्सा?

जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि क्या कंपनी के बैंक खाते का इस्तेमाल केवल रकम को आगे ट्रांसफर करने के लिए किया गया था या इसके पीछे पहले से तैयार कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और आपसी संपर्कों की जानकारी खंगाल रही है।

अधिकारियों को आशंका है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद ठगी की रकम के अंतिम लाभार्थियों और कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

कंपनी के खाते में पहुंची थी बड़ी रकम-
जांच में सामने आया है कि विधायक संजय पाठक से ठगी गई रकम में से करीब 1.16 करोड़ रुपए स्काई लाइम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसी बैंक खाते और कंपनी से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल करते हुए पुलिस मुंबई तक पहुंची। कंपनी के दोनों डायरेक्टरों की अरेस्टिंग के बाद अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खाते में रकम आने के बाद उसे कहां-कहां ट्रांसफर किया गया।

अब तक नौ गिरफ़्तार-
पुलिस के मुताबिक इस मामले में अब तक कुल नौ आरोपियों की गिरफ़्तार हो चुकी है। इनमें से पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है, जबकि चार आरोपियों से पुलिस रिमांड पर पूछताछ की जा रही है।

मास्टरमाइंड बड़ा बदमाश
पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल फोन और आपसी संपर्कों की जांच कर ठगी की रकम के पूरे लेन-देन की कडयि़ां जोडऩे में जुटी है। दो नए आरोपियों की गिरफ़्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि कंपनी के जरिए रकम को खपाने और ठगी की साजिश में शामिल अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी सामने आ सकती है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस ठगी का मास्टरमाइंड बहुत शातिर है। मामले में किसी बड़े बदमाश के शामिल होने की आशंका है।

अब तक 9 आरोपी पुलिस के शिकंजे में
पुलिस के अनुसार मामले में अब तक कुल नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें पांच आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि चार आरोपियों से पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी है। जांच टीम अब पूरे पैसों के ट्रेल को जोड़ने में लगी है। किस खाते से रकम निकली, कहां पहुंची और उसके बाद किन लोगों के बीच इसका लेन-देन हुआ—इन सभी बिंदुओं को जांच का हिस्सा बनाया गया है।

मास्टरमाइंड तक पहुंचना बनी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती
मामले में जिस तरीके से कथित धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया और रकम को अलग-अलग माध्यमों से आगे बढ़ाया गया, उसने जांच अधिकारियों के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस को शक है कि गिरफ्तार आरोपियों से ऊपर भी कोई ऐसा व्यक्ति हो सकता है, जिसने पूरे नेटवर्क को दिशा दी।

फिलहाल पुलिस की नजर बैंक ट्रांजेक्शन, डिजिटल साक्ष्यों और आरोपियों के संपर्कों पर है। मुंबई से हुई दो नई गिरफ्तारियों के बाद जांच को अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अब देखना होगा कि पूछताछ की कड़ियां पुलिस को कथित मास्टरमाइंड तक कब पहुंचाती हैं।