वाराणसी में ‘ओडिशा परब’ का भव्य आगाज, 125 कलाकारों ने बिखेरे लोक संस्कृति के रंग

 वाराणसी
महादेव की नगरी काशी शनिवार को ओडिशा की कला, संस्कृति, शिल्प और खानपान के रंग में रंग गई। बड़ालालपुर के पंडित दीन दयाल व्यापार संकुल (टीएफसी) में शनिवार से तीन दिवसीय ‘ओडिशा परब’ का भव्य शुभारंभ हुआ।

ओडिशा सरकार के पर्यटन विभाग की ओर से फिक्की के सहयोग से आयोजित इस आयोजन में ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प, व्यंजन और पर्यटन की संभावनाओं को काशी के लोगों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। उद्घाटन अवसर पर कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने माहौल को ओडिशामय बना दिया।

कार्यक्रम में 125 कलाकारों ने ओडिशा की लोक और पारंपरिक संस्कृति की झलक पेश की। पशु मुखौटा नृत्य, गोटी पुअ, पाइका नृत्य और संबलपुरी नृत्य ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। श्रेया पांडा के नेतृत्व में प्रस्तुत पाइका नृत्य में अखाड़ा खुर्दागढ़ की वीर परंपरा और युद्धकला की झलक देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा, संगीत और नृत्य की जीवंत प्रस्तुति ने दर्शकों को ओडिशा की सांस्कृतिक दुनिया से जोड़ा।

ओडिशा के उपमुख्यमंत्री द्वय कनक वर्धन सिंह देव और प्रवती परीदा ने आयोजन स्थल पर लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने कारीगरों और स्टाल संचालकों से उत्पादों की जानकारी ली। आयोजन में कुल 32 स्टाल लगाए गए हैं, जिनमें 22 हस्तशिल्प और 10 व्यंजन स्टाल शामिल हैं।

पट्टचित्र, ताड़पत्र नक्काशी, धोकरा, चांदी की महीन कारीगरी, हथकरघा, कोटपैड वस्त्र, पीतल-कांसा और जूट के उत्पाद आकर्षण का केंद्र हैं। वहीं पीठा, मिठाइयां, आलूदम, पारंपरिक स्नैक्स, बाजरा उत्पाद और कोरापुट काफी के जरिए ओडिशा के खानपान का स्वाद भी मिलेगा।

तीन दिवसीय आयोजन में ओडिशा के प्रमुख पर्यटन स्थलों पुरी, कोणार्क, चिल्का, भीतरकनिका और सिमिलिपाल की झलक के साथ पर्यटन रोडशो, प्रवासी सम्मेलन और बी2बी-बी2जी सत्र भी होंगे। काशी में आयोजित यह परब ओडिशा और उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक एवं पर्यटन संबंधों को और मजबूत करने का मंच बनेगा।