नर्सिंग छात्रों के परीक्षा परिणाम पर डिप्टी CM शुक्ल ने की समीक्षा, हाईकोर्ट के आदेश पर जल्द कार्रवाई के निर्देश

नर्सिंग छात्रों के परीक्षा परिणाम के संबंध में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की समीक्षा

हाईकोर्ट के आदेश के तारतम्य में आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश

छात्रों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता, समाविष्ट संस्थानों को तत्काल सूचित कर परिणाम जारी करने की करें कार्यवाही

भोपाल

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में नर्सिंग छात्रों के परीक्षा परिणाम से संबंधित विषय की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों से वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेश के तारतम्य में संबंधित प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि छात्रों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप सभी आवश्यक प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं, जिससे पात्र छात्रों को उनके परीक्षा परिणाम प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि समाविष्ट संस्थानों को प्राथमिकता से सूचित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे संबंधित छात्रों के परीक्षा परिणाम जारी किए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो और विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कदम समन्वय के साथ उठाए जाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अनसूटेबल कॉलेजों के छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें सूटेबल कॉलेजों से संबद्ध/संलग्न किए जाने के विषय में भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित प्रभावित न हों, इसके लिए नियमानुसार उपलब्ध विकल्पों पर शीघ्र कार्यवाही की जाए।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि न्यायालयीन आदेश , विभागीय नियमों एवं विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रकरण का निराकरण प्राथमिकता से किया जाए। साथ ही, संबंधित संस्थानों एवं विश्वविद्यालय के बीच आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करते हुए प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जाए। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस, एमपीएनआरसी के रजिस्ट्रार डॉ. उपेन्द्र धोटे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।