शेन्ज़ेन
भारतीय जोड़ी ने रविवार को चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू को तीन गेम के मुकाबले में 11-21, 21-13, 21-17 से हराया। सात्विक और चिराग ने एक घंटे 10 मिनट चले मुकाबले में शानदार वापसी की।
सात्विक-चिराग ने पहली बार इस टूर्नामेंट में चैंपियन बने
यह इस टूर्नामेंट के फाइनल में उनकी तीसरी कोशिश थी। वे 2023 और 2025 के फाइनल में रनर-अप रहे थे।
यह इस सीजन में भारतीय जोड़ी का दूसरा खिताब है। इससे पहले उन्होंने सिंगापुर ओपन सुपर 750 जीता था। वे थाईलैंड ओपन सुपर 500 के फाइनल में भी पहुंचे थे।
यह खिताब विश्व नंबर-5 भारतीय जोड़ी के लिए बड़ी बढ़त है। दोनों 19 सितंबर से जापान में होने वाले एशियन गेम्स में अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने उतरेंगे।
चीनी जोड़ी की रैंकिंग विश्व नंबर-70 हुई थी
भारतीय जोड़ी का सामना चीन की ऐसी जोड़ी से था, जिसकी रैंकिंग लंबे समय तक इंटरनेशनल सर्किट से दूर रहने के बाद विश्व नंबर-70 हो गई थी। हे जी टिंग पूर्व विश्व नंबर-4 रह चुके हैं।
चीनी बैडमिंटन एसोसिएशन (CBA) की टीम की ओर से लगाई गई अनुशासनात्मक सजा पूरी करने के बाद हे जी टिंग ने प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन में वापसी की है। यह उनका वापसी के बाद सिर्फ तीसरा टूर्नामेंट था।
सात्विक और चिराग ने इससे पहले दोनों जोड़ियों के बीच हुए दो मुकाबलों में चीनी जोड़ी को हराया था।
फाइनल तक पहुंचने के दौरान भारतीय जोड़ी ने तीन मुकाबले तीन गेम में जीते थे। इन सभी मैचों में उन्होंने पहला गेम जीतने के बाद दूसरा गेम गंवाया था।
पहला गेम चीन के नाम
साल के अपने 10वें टूर्नामेंट में तीसरा फाइनल खेल रही सात्विक-चिराग की जोड़ी ने टॉस जीतकर रिसीव करने के बजाय कोर्ट का छोर चुनना पसंद किया।
भारतीय जोड़ी रैलियों पर शुरुआती नियंत्रण नहीं बना सकी। हे जी टिंग और रेन ने तेज और आक्रामक शॉट्स के दम पर 5-0 की बढ़त बना ली। चीनी खिलाड़ियों ने सर्विस को टाइट और फ्लैट रखा और एंगल बनाकर हमला किया।
हे जी टिंग के जंप स्मैश से चीन की बढ़त 8-3 हो गई। भारतीय खिलाड़ी चीनी जोड़ी के डिफेंस को तोड़ने की कोशिश करते रहे, लेकिन तेज और आक्रामक खेल के कारण चीन ने इंटरवल तक छह अंकों की बढ़त बना ली।
भारतीय जोड़ी की रफ्तार चीनी खिलाड़ियों से मेल नहीं खा सकी और स्कोर 14-7 हो गया। हे जी टिंग लगातार तेज स्मैश लगा रहे थे, जिससे भारतीय खिलाड़ियों का डिफेंस दबाव में आ गया।
चिराग की सर्विस गलती से चीन की बढ़त 17-9 हो गई। इसके बाद चिराग का एक और शॉट बाहर चला गया और चीनी जोड़ी ने पहला गेम जीत लिया।
दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी की वापसी
दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने डिफेंस मजबूत किया और रैलियों को लंबा खींचा। सात्विक ने फ्लिक सर्विस का इस्तेमाल किया, जिससे चीनी खिलाड़ी असमंजस में रहे और उन्हें फ्रंट कोर्ट में बार-बार खेलने का मौका नहीं मिला।
करीबी मुकाबले के बाद भारतीय जोड़ी ने 7-6 की बढ़त बनाई। चिराग के बॉडी स्मैश और लगातार पांचवें अंक से भारत 9-6 से आगे हुआ, लेकिन सात्विक की सर्विस गलती से उनका लगातार बढ़त बनाने का सिलसिला रुक गया।
चिराग के तेज इंटरसेप्शन और इसके बाद लगाए गए स्मैश से भारत ने इंटरवल तक चार अंकों की बढ़त बना ली। पिछले आठ में से सात अंक भारतीय जोड़ी ने जीते थे।
पहले गेम की शुरुआत में ज्यादातर रैलियां 15 शॉट से कम की थीं। दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने रैलियां लंबी कीं और चीनी खिलाड़ियों को हर अंक के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ी।
भारतीय जोड़ी ने 45 शॉट की रैली जीती और अपनी बढ़त 12-8 कर ली। इसके बाद वे 17-11 से आगे हो गए। चीनी खिलाड़ियों के नेट में शॉट मारने से भारत को गेम प्वाइंट के सात मौके मिले।
सात्विक ने आक्रामक रिटर्न लगाकर दूसरा गेम भारत के नाम कर दिया।
निर्णायक गेम में भी नहीं छोड़ा पीछा
निर्णायक गेम में चीनी जोड़ी ने फिर लय हासिल की और 4-0 की बढ़त बनाई। स्कोर 7-3 होने के बाद चिराग के स्मैश और हे जी टिंग के गलत शॉट से भारत ने अंतर 5-7 कर दिया।
लगातार चौथा अंक जीतकर सात्विक और चिराग ने स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया। कुछ फ्लैट रैलियों के बाद चीन ने इंटरवल तक दो अंकों की बढ़त बनाए रखी।
अपने पसंदीदा कोर्ट साइड पर लौटने के बाद भारतीय जोड़ी 11-13 से पीछे रहते हुए भी मुकाबले में बनी रही। दोनों जोड़ियों के बीच फ्लैट और तेज रैलियों में बढ़त बनाने के लिए लगातार संघर्ष चलता रहा।
रैलियों के दौरान चीनी खिलाड़ी शटल को नेट के नीचे रखने में बेहतर रहे और उन्हें इसका फायदा मिला। इसके बावजूद चीन की सर्विस गलती के बाद भारतीय जोड़ी 13-15 के स्कोर पर उनके करीब बनी रही।
सात्विक की छोटी सर्विस से स्कोर 14-16 हो गया। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने लगातार अंक लेकर 16-16 से बराबरी कर ली।
हे जी टिंग के नेट में शॉट मारने से भारत 18-17 से आगे हो गया। इसके बाद नेट कॉर्ड से मिले भाग्यशाली अंक ने भारतीय जोड़ी को मैच प्वाइंट के तीन मौके दिए।
चिराग ने स्मैश लगाकर मैच और चाइना मास्टर्स सुपर 750 का खिताब भारत के नाम कर दिया।