क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुल-पुलियों के संधारण कार्य 30 सितंबर तक करें पूर्ण

भोपाल 

लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए माह मैं 2 बार औचक निरीक्षण की व्यवस्था कि गई है। विगत 20 अगस्त को मुख्य अभियंताओं के सात दलों ने रायसेन, नरसिंहपुर, शिवपुरी, खंडवा, शहडोल, शाजापुर एवं सागर जिले में रैंडम आधार पर कुल 35 निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण किए गए कार्यों में लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं पुल) के 21, परियोजना क्रियान्वयन इकाई के 5 भवन, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के 7 और मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के 2 निर्माण कार्य शामिल हैं।

निरीक्षण दलों से प्राप्त प्रतिवेदनों की विस्तृत समीक्षा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम  भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की गई। समीक्षा में प्रमुख अभियंता (सड़क एवं पुल)  आर.एल. वर्मा, सड़क विकास निगम के तकनीकी सलाहकार  आर.के. मेहरा, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के प्रमुख अभियंता  अजय वास्तव सहित सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।

शहडोल जिले में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सरना से करकट सड़क के निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार मेसर्स राम कंस्ट्रक्शन, जयसिंह नगर के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश मुख्य अभियंता, रीवा को दिए गए। गेरुई से जेमुनिहा सड़क निर्माण की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। संबंधित ठेकेदार मेसर्स मनोज मिश्रा को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। सागर जिले में बसाहरी पीएमजीएसवाई रोड से निवाड़ी रोड के निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित उपयंत्री और अनुविभागीय अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। ठेकेदार मेसर्स हीरा कंस्ट्रक्शन, विदिशा को 15 दिन में कार्य पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया।

मध्यप्रदेश भवन विकास निगम अंतर्गत सागर जिले में निर्माणाधीन शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, गढ़ोला जागीर, खुरई के भवन की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित कंसल्टेंट टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण प्रतिवेदनों के आधार पर 26 अन्य कार्यों में आवश्यक आंशिक सुधार समय-सीमा में कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

प्रबंध संचालक  यादव ने कहा कि औचक निरीक्षण में सामने आई कमियों और निरीक्षण दलों की अनुशंसाओं के आधार पर सुधार कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराए जाएं। मुख्य अभियंता कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

प्रबंध संचालक  यादव ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिक रूप से नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ किया जाए। मुख्य अभियंता और अधीक्षण यंत्री शिकायतों के निराकरण की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें, जिससे आगामी माह की ग्रेडिंग में अपेक्षित सुधार हो। उन्होंने लोकपथ ऐप पर प्राप्त शिकायतों का निराकरण निर्धारित 4 दिन की समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

प्रबंध संचालक  यादव ने वर्षाकाल में क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुल-पुलियों के मरम्मत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग की परिसंपत्तियों से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी इंसीडेन्ट रिस्पांस सिस्टम पर तत्काल अपडेट की जाए, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बाढ़ के दौरान पुल-पुलियों की स्थिति पर विशेष सतर्कता बरतने और सभी संधारण कार्य 30 सितंबर तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। रीवा-शहडोल क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति की निरंतर निगरानी करते हुए संबंधित सूचनाएं आईआरएस पर नियमित रूप से दर्ज करने को कहा गया।

प्रबंध संचालक  यादव ने निर्देश दिए कि आपदा से संबंधित सभी कॉल मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के हेल्पलाइन नंबर 1099 पर अनिवार्य रूप से दर्ज हों, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

प्रबंध संचालक  यादव ने लोक निर्माण विभाग, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम और मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के अधिकारियों को विभागीय गतिविधियों, निर्माण कार्यों, महत्वपूर्ण उपलब्धियों एवं जनहित से जुड़े कार्यों की जानकारी सोशल मीडिया हैंडल्स पर नियमित रूप से साझा करने के निर्देश भी दिए।